सांई की नगरियाँ जाना है रे बन्दे, जग नाहिं अपना बेगाना है रे बन्दे ... सांई की

सत्यनाम का सुमिरन करे ले, कल जाने क्या होय, जाग जाग नर निज पासुन में काहे बिरथा सोय ।

संतो जीवत ही करो आशा, मुए मुक्ति, कहे गुरू लोभी, जूठा दै विश्वासा…

संतन के संग लाग रे, तेरी भली बनेगी ... संतन के संग

राम रहीम एक है रे, काहे करो लडाई वह निर्गुनीया अगम अपारा, तीनो लोक सहाई ।

मो को कहाँ ढूँढे रे बन्दे मैं तो तेरे पास में

मेरी सुरती सुहागन जाग रे

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में ॥

मन मस्त हुआ तब क्यों बोले ॥

मन ना रंगाये जोगी कपडा रंगाये मन ना फिराये जोगी मनका फिराये

मन ! तोहे केहि विध कर समझाऊं ।

बीत गये दिन भजन बिना रे । भजन बिना रे भजन बिना रे ॥

मन तुम भजन करो जग आईकै.

हमको ओढावे चदरियाँ । चलत बेरीया, चलत बेरीया ... हमको

मत कर मोह तु, हरिभजन को मान रे.

भजो रे भैया राम गोविंद हरी, राम गोविंद हरी … भजो रे भैया

हमारे गुरु मिले ब्रह्मज्ञानी, पाई अमर निशानी ॥ काग पलट गुरु हंसा किन्हें, दिनी नाम निशानी । हंसा पहूँचे सुख सागर पर मुक्ति भरे जहाँ पानी ॥ जल बीच कुंभ, कुंभ बिच जल है, बाहर भीतर पानी । निकस्यो कुंभजल जलही समाना, ये गति विरले ने जानी ॥ है अथाग था संतन में दरिया लहर समानी । जीवर जाल डालका तरी है, जब मीन बिखल भय पानी ॥ अनुभव का ज्ञान उजलत दिवानी, सो है अकथ कहानी । कहत कबीर गुंगे की सेना, जीन जानी उन मानी ॥

साहब है रंगरेज, चुनरी मोरी रंग डारी ।

सांई से लगन कठिन है भाई, लगन लगे बिनु काज न सरिहैं, जीव प्रलय हो जाई ... सांई से

भजन कर मनजी राम थोडी जींदगानी ! Best Tamura Bhajan 2019