बरसन लाग्यो रंग शबद चढ लाग्यो री बरसन लाग्यो रंग शबद चढ लाग्यो री जनम मरण की दुविधा भारी, समरथ नाम भजन लत लागी मेरे सतगुरु दीन्हीं सैन सत्य कर पा गयो री ... बरसन लाग्यो चढी सूरज पश्चिम दर अगस्त 02, 2019 शेयर करें
पानी में मीन पियासी, मोहि सुन-सुन हावे हाँसी । पानी में मीन पियासी, मोहि सुन-सुन हावे हाँसी । आतम ज्ञान बिना नर भटके, कोई मथुरा कोई काशी । मिरगा नाभि बसे कस्तूरी, बन बन फिरत उदासी ॥ जल बिच कमल कमल बिच अगस्त 02, 2019 शेयर करें
नैहरवा हम का न भावे, न भावे रे । नैहरवा हम का न भावे, न भावे रे । साई कि नगरी परम अति सुन्दर, जहाँ कोई जाए ना आवे । चाँद सुरज जहाँ, पवन न पानी, कौ संदेस पहुँचावै । दरद यह साई को सुनावै अगस्त 02, 2019 शेयर करें
नींद निशानी मौत की, उठ कबीरा जाग, ओर रसायन छांडी के, नाम रसायन लाग । नींद निशानी मौत की, उठ कबीरा जाग, ओर रसायन छांडी के, नाम रसायन लाग । नींद से अब जाग बन्दे, राम में अब मन रमा, निर्गुना से लाग बन्दे, है वही परमात्मा ... अगस्त 02, 2019 शेयर करें
झीनी झीनी बीनी चदरिया ॥ झीनी झीनी बीनी चदरिया ॥ काहे कै ताना, काहे कै भरनी, कौन तार से बीनी चदरिया । इंगला पिङ्गला ताना भरनी, सुषमन तार से बीनी चदरिया ॥ आठ कँवल दल चरखा डोलै, प अगस्त 02, 2019 शेयर करें
जनम तेरा बातों ही बीत गयो । तुने कबहुँ न राम कह्यो, तुने कबहुँ न कृष्ण न कह्यो ॥ जनम तेरा बातों ही बीत गयो । तुने कबहुँ न राम कह्यो, तुने कबहुँ न कृष्ण न कह्यो ॥ पांच बरस का भोला भाला, अब तो बीस भयो । मकर पचीसी माया कारन, देश विदेश गय अगस्त 02, 2019 शेयर करें
चलना है दूर मुसाफिर काहे सोवे रे चलना है दूर मुसाफिर काहे सोवे रे चेत अचेत नर सोच बाँवरे, बहुत नींद मत सोवे रे, काम क्रोध मद लोभ में फँसकर, उमरीयाँ काहे खोवे रे ... चलना है शिर पर माया अगस्त 02, 2019 शेयर करें